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पूर्णिमा व्रत: महत्व, सत्यनारायण पूजा और वर्ष की 12 पूर्णिमाएँ

हिंदू परंपरा में पूर्णिमा का महत्व, पूर्णिमा व्रत और सत्यनारायण पूजा की विधि, और हर महीने की पूर्णिमा से जुड़े त्योहार।

पूर्णिमा हर शुक्ल पक्ष का समापन करती है। इस तिथि पर चंद्रमा पूर्ण प्रकाशित होता है और ज्योतिष में सबसे बलवान माना जाता है। पूजा, दान और पवित्र स्नान के लिए यह महीने के सबसे शुभ दिनों में से है। अपने शहर के लिए अगली पूर्णिमा की तारीख देखें।

खगोलीय दृष्टि से पूर्णिमा

पूर्णिमा 15वीं तिथि है, जब चंद्रमा सूर्य से 168° से 180° आगे होता है। वास्तविक पूर्ण चंद्र पूर्णिमा तिथि के अंत में, 180° पर होता है। तिथियों की लंबाई बदलती रहती है, इसलिए पूर्णिमा सुबह, दोपहर या रात में शुरू हो सकती है। इसी कारण व्रत की तारीख कभी-कभी पश्चिमी कैलेंडर में छपी "फुल मून" की तारीख से अलग होती है।

पूर्णिमा व्रत कैसे रखें

  1. सुबह: संभव हो तो सूर्योदय से पहले स्नान करें और संकल्प लें।
  2. पूजा: भगवान विष्णु की सत्यनारायण रूप में या अपने कुलदेवता की पूजा करें। फल, पंचामृत, तुलसी और दीपक अर्पित करें।
  3. सत्यनारायण कथा: कई परिवार स्कंद पुराण की कथा के पाँच अध्याय पढ़ते हैं और प्रसाद बाँटते हैं, प्रायः शाम को।
  4. चंद्र अर्घ्य: चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को जल का अर्घ्य दें, फिर व्रत खोलें।
  5. दान: पूर्णिमा पर अन्न, वस्त्र या अनाज का दान विशेष पुण्यदायी माना जाता है।

पूजा का समापन स्पिरिचुअल मार्ग की विष्णु जी की आरती या लक्ष्मी जी की आरती से करें।

12 पूर्णिमाएँ और उनके त्योहार

मास पूर्णिमा का नाम क्या होता है
चैत्र हनुमान जयंती (उत्तर भारत में) हनुमान जी का जन्म; हनुमान जयंती देखें
वैशाख बुद्ध पूर्णिमा बुद्ध का जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण; बुद्ध पूर्णिमा देखें
ज्येष्ठ वट पूर्णिमा विवाहित महिलाएँ वट वृक्ष की पूजा करती हैं (महाराष्ट्र और गुजरात में)
आषाढ़ गुरु पूर्णिमा गुरु और वेदव्यास का सम्मान; गुरु पूर्णिमा देखें
श्रावण रक्षाबंधन बहनें राखी बाँधती हैं; रक्षाबंधन देखें
भाद्रपद भाद्रपद पूर्णिमा अगले दिन से पितृ पक्ष शुरू
आश्विन शरद पूर्णिमा चाँदनी में खीर, कोजागरी लक्ष्मी पूजा
कार्तिक कार्तिक पूर्णिमा / देव दीपावली वाराणसी के घाटों पर दीप, गुरु नानक जयंती
मार्गशीर्ष दत्तात्रेय जयंती भगवान दत्तात्रेय का जन्म
पौष पौष पूर्णिमा पवित्र स्नान; प्रयागराज में माघ मेले की शुरुआत
माघ माघ पूर्णिमा पवित्र स्नान और दान
फाल्गुन होली (होलिका दहन) पूर्णिमा की रात होलिका दहन; होली देखें

सूर्योदय की पूर्णिमा या चंद्रोदय की?

हमारा पूर्णिमा कैलेंडर वह दिन दिखाता है जब सूर्योदय के समय पूर्णिमा हो, जो सबसे प्रचलित नियम है। कुछ परिवार व्रत एक दिन पहले रखते हैं, जब उस शाम चंद्रोदय के समय पूर्णिमा तिथि हो, क्योंकि चंद्र अर्घ्य ही व्रत का मुख्य भाग है। दोनों में अंतर हो तो अपनी पारिवारिक परंपरा मानें। किसी भी तारीख की पूर्णिमा का सटीक आरंभ और समाप्ति समय दैनिक पंचांग में देखें।

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