तिथि और पंचांग पर लेख
हिंदू पंचांग की सरल और खगोलीय रूप से जाँची गई जानकारी।
पंचांग कैसे पढ़ें: पाँच अंगों की सरल व्याख्या
तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण: हिंदू पंचांग के पाँच अंगों की शुरुआती गाइड और इनसे शुभ दिन कैसे चुनें।
सभी 24 एकादशियों के नाम: महीनेवार सूची और महत्व
हिंदू वर्ष की हर एकादशी का नाम, वह किस चंद्र मास में पड़ती है और किस लिए प्रसिद्ध है, कामदा से पापमोचनी तक।
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल: अर्थ और गणना की विधि
राहु काल क्या है, यह हर दिन और हर शहर में क्यों बदलता है, सूर्योदय-सूर्यास्त से इसकी गणना कैसे करें और इस समय क्या करें, क्या न करें।
पूर्णिमा व्रत: महत्व, सत्यनारायण पूजा और वर्ष की 12 पूर्णिमाएँ
हिंदू परंपरा में पूर्णिमा का महत्व, पूर्णिमा व्रत और सत्यनारायण पूजा की विधि, और हर महीने की पूर्णिमा से जुड़े त्योहार।
अमावस्या: महत्व, पितृ तर्पण और अमावस्या के दिन क्या करें
अमावस्या पितरों का दिन क्यों है, तर्पण कैसे करें, मौनी, सोमवती और महालया जैसी विशेष अमावस्याएँ, और परंपरा किन कामों से बचने को कहती है।
अमांत और पूर्णिमांत: उत्तर और दक्षिण भारत में महीनों के नाम अलग क्यों होते हैं
कार्तिक या आश्विन? हिंदू चंद्र मास की दोनों पद्धतियाँ समझें, त्योहारों की तारीख दोनों में एक क्यों रहती है और अधिक मास कैसे आता है।
उदया तिथि: त्योहार और व्रत में कौन-सी तिथि मानी जाती है?
अधिकांश व्रत सूर्योदय की तिथि से चलते हैं, पर प्रदोष, संकष्टी, शिवरात्रि, गणेश चतुर्थी और जन्माष्टमी अलग समय से तय होते हैं। जानिए नियम।
प्रदोष व्रत: विधि, समय और वार के अनुसार सात प्रकार
भगवान शिव का प्रदोष व्रत कैसे रखें, यह सूर्यास्त से क्यों जुड़ा है, सोम, भौम और शनि प्रदोष का अर्थ, और तारीख कैसे तय होती है।
संकष्टी चतुर्थी: चंद्रोदय का समय, व्रत विधि और अंगारकी चतुर्थी
भगवान गणेश के मासिक संकष्टी चतुर्थी व्रत की पूरी जानकारी: यह चंद्रोदय पर क्यों निर्भर है, पूजा कैसे करें और अंगारकी चतुर्थी क्यों विशेष है।
एकादशी व्रत के नियम: क्या खाएँ, पारण का समय और स्मार्त-वैष्णव तिथि
एकादशी व्रत की व्यावहारिक जानकारी: व्रत के प्रकार, क्या खाएँ और क्या न खाएँ, पारण कैसे करें और कभी-कभी दो एकादशी तिथियाँ क्यों दी जाती हैं।
एक दिन में दो तिथियाँ क्यों? क्षय और वृद्धि तिथि का सरल अर्थ
पंचांग में एक ही तारीख पर दो तिथियाँ या कोई तिथि गायब दिखी? जानें ऐसा क्यों होता है और व्रत के लिए कौन सी तिथि माननी चाहिए।
तिथि क्या है? हिंदू चांद्र दिवस की गणना कैसे होती है
तिथि वह समय है जिसमें चंद्रमा सूर्य से 12° आगे निकलता है। जानें तिथि की गणना कैसे होती है, इसकी अवधि क्यों बदलती है और यह हर त्योहार को कैसे तय करती है।