शुक्रवार, 11 मार्च 2033 का पंचांग
शुक्रवार, 11 मार्च 2033 को बेंगलुरु में सूर्योदय (06:30 AM) के समय शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जो 09:50 PM पर समाप्त होगी, इसके बाद द्वादशी 11:47 PM, 12 मार्च तक रहेगी। चंद्रमा पुनर्वसु नक्षत्र में है और मास फाल्गुन (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत) है।
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि परिवर्तन
- शुक्ल पक्ष एकादशी08:18 PM, 10 मार्च → 09:50 PM
- शुक्ल पक्ष द्वादशी09:50 PM → 11:47 PM, 12 मार्च
पंचांग
| तिथि | शुक्ल पक्ष एकादशी 09:50 PM तक शुक्ल पक्ष द्वादशी 11:47 PM, 12 मार्च तक |
|---|---|
| नक्षत्र | पुनर्वसु 10:32 AM तक पुष्य 12:49 PM, 12 मार्च तक |
| योग | शोभन 10:43 PM तक अतिगण्ड 11:10 PM, 12 मार्च तक |
| करण | वणिज 09:01 AM तक विष्टि (भद्रा) 09:50 PM तक बव 10:45 AM, 12 मार्च तक |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | फाल्गुन पूर्णिमांत फाल्गुन अमांत |
| संवत | विक्रम 2089 · शक 1954 |
| ऋतु · अयन | शिशिर · उत्तरायण |
| सूर्य राशि | कुम्भ |
| चंद्र राशि | कर्क |
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 06:30 AM
- सूर्यास्त
- 06:30 PM
- चंद्रोदय
- 02:56 PM
- चंद्रास्त
- 03:39 AM, 12 मार्च
दिनमान 12 घंटे 0 मिनट · चंद्रमा 79% प्रकाशित, बढ़ता हुआ
मुहूर्त और काल
- ब्रह्म मुहूर्त
- 04:54 AM – 05:42 AM
- अभिजीत मुहूर्त
- 12:06 PM – 12:54 PM
- राहु काल
- 11:00 AM – 12:30 PM
- यमगण्ड
- 03:30 PM – 05:00 PM
- गुलिक काल
- 08:00 AM – 09:30 AM
तिथि अलग-अलग समय पर क्यों बदलती है
तिथि वह समय है जिसमें चंद्रमा सूर्य से 12° आगे निकलता है। चंद्रमा की गति प्रतिदिन लगभग 11.8° से 15.2° तक बदलती रहती है, इसलिए एक तिथि लगभग 19 से 27 घंटे की होती है। इसी कारण तिथि किसी भी समय शुरू हो सकती है, एक दिन में दो तिथियाँ हो सकती हैं, और कभी कोई तिथि क्षय (छूट जाती है) या वृद्धि (दोहराई जाती है) होती है।
चक्र बेंगलुरु में सूर्योदय के समय की निरयण स्थिति दिखाता है: सूर्य कुम्भ में और चंद्रमा कर्क में।
एकादशी के बारे में →किसी अन्य स्थान के लिए यही तिथि देखें: नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे।