तिथि 11 व 26 · नंदा तिथि

एकादशी

एकादशी हिंदू पंचांग का सबसे अधिक रखा जाने वाला व्रत है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है। सामान्य वर्ष में 24 एकादशियाँ होती हैं, हर एक का अपना नाम और कथा है।

अर्थ: एकादश (ग्यारहवीं)। अधिपति देवता: Vishnu (Vishvedevas)।

अगली एकादशी तिथियाँ

  • कृष्ण पक्ष एकादशी: बुध, 4 नव॰ 2026, 11:04 AM → गुरु, 5 नव॰ 2026, 10:36 AM
  • शुक्ल पक्ष एकादशी: शुक्र, 20 नव॰ 2026, 07:16 AM → शनि, 21 नव॰ 2026, 06:32 AM
  • कृष्ण पक्ष एकादशी: गुरु, 3 दिस॰ 2026, 11:04 PM → शुक्र, 4 दिस॰ 2026, 11:45 PM
  • शुक्ल पक्ष एकादशी: शनि, 19 दिस॰ 2026, 10:10 PM → रवि, 20 दिस॰ 2026, 08:15 PM

समय भारतीय मानक समय (IST) में। स्थानीय समय और व्रत की तिथि के लिए अपना शहर देखें।

एकादशी का महत्व

एकादशी व्रत का पारण अगले दिन (द्वादशी) सूर्योदय के बाद पारण समय में और द्वादशी समाप्त होने से पहले किया जाता है।

ज्येष्ठ शुक्ल की निर्जला एकादशी सबसे कठिन है, जो बिना जल के रखी जाती है; देवशयनी और देवउठनी एकादशी चातुर्मास का आरंभ और समापन करती हैं।

एकादशी नंदा तिथि है; विष्णु तिथि होने से यह साधना, दान और जप के लिए उत्तम है।

किन कार्यों के लिए शुभ

  • उपवास और विष्णु पूजा
  • जप, ध्यान और शास्त्र अध्ययन
  • दान

परंपरागत रूप से वर्जित

  • अन्न और दालें खाना
  • अधिकांश परंपराओं में विवाह और अन्य सांसारिक संस्कार

एकादशी के त्योहार

पूजा के लिए पढ़ें: विष्णु जी की आरती (स्पिरिचुअल मार्ग पर)

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