शुक्रवार, 1 मार्च 2030 का पंचांग
शुक्रवार, 1 मार्च 2030 को कोलकाता में सूर्योदय (05:58 AM) के समय कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है, जो 01:05 PM पर समाप्त होगी, इसके बाद त्रयोदशी 12:23 PM, 2 मार्च तक रहेगी। चंद्रमा उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में है और मास फाल्गुन (पूर्णिमांत) / माघ (अमांत) है।
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि परिवर्तन
- कृष्ण पक्ष द्वादशी02:05 PM, 28 फ़र॰ → 01:05 PM
- कृष्ण पक्ष त्रयोदशी01:05 PM → 12:23 PM, 2 मार्च
पंचांग
| तिथि | कृष्ण पक्ष द्वादशी 01:05 PM तक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी 12:23 PM, 2 मार्च तक |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा 12:14 PM तक श्रवण 12:10 PM, 2 मार्च तक |
| योग | वरीयान 06:08 PM तक परिघ 04:28 PM, 2 मार्च तक |
| करण | तैतिल 01:05 PM तक गर 12:42 AM, 2 मार्च तक वणिज 12:23 PM, 2 मार्च तक |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | फाल्गुन पूर्णिमांत माघ अमांत |
| संवत | विक्रम 2086 · शक 1951 |
| ऋतु · अयन | शिशिर · उत्तरायण |
| सूर्य राशि | कुम्भ |
| चंद्र राशि | मकर |
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 05:58 AM
- सूर्यास्त
- 05:40 PM
- चंद्रोदय
- 04:22 AM, 2 मार्च
- चंद्रास्त
- 02:58 PM
दिनमान 11 घंटे 42 मिनट · चंद्रमा 12% प्रकाशित, घटता हुआ
मुहूर्त और काल
- ब्रह्म मुहूर्त
- 04:22 AM – 05:10 AM
- अभिजीत मुहूर्त
- 11:26 AM – 12:12 PM
- राहु काल
- 10:21 AM – 11:49 AM
- यमगण्ड
- 02:45 PM – 04:12 PM
- गुलिक काल
- 07:26 AM – 08:54 AM
तिथि अलग-अलग समय पर क्यों बदलती है
तिथि वह समय है जिसमें चंद्रमा सूर्य से 12° आगे निकलता है। चंद्रमा की गति प्रतिदिन लगभग 11.8° से 15.2° तक बदलती रहती है, इसलिए एक तिथि लगभग 19 से 27 घंटे की होती है। इसी कारण तिथि किसी भी समय शुरू हो सकती है, एक दिन में दो तिथियाँ हो सकती हैं, और कभी कोई तिथि क्षय (छूट जाती है) या वृद्धि (दोहराई जाती है) होती है।
चक्र कोलकाता में सूर्योदय के समय की निरयण स्थिति दिखाता है: सूर्य कुम्भ में और चंद्रमा मकर में।
द्वादशी के बारे में →किसी अन्य स्थान के लिए यही तिथि देखें: नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे।