शनिवार, 12 मार्च 2033 का पंचांग
शनिवार, 12 मार्च 2033 को कोलकाता में सूर्योदय (05:48 AM) के समय शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है, जो 11:47 PM पर समाप्त होगी, इसके बाद त्रयोदशी 02:02 AM, 14 मार्च तक रहेगी। चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में है और मास फाल्गुन (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत) है।
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि परिवर्तन
- शुक्ल पक्ष द्वादशी09:50 PM, 11 मार्च → 11:47 PM
- शुक्ल पक्ष त्रयोदशी11:47 PM → 02:02 AM, 14 मार्च
पंचांग
| तिथि | शुक्ल पक्ष द्वादशी 11:47 PM तक शुक्ल पक्ष त्रयोदशी 02:02 AM, 14 मार्च तक |
|---|---|
| नक्षत्र | पुष्य 12:49 PM तक आश्लेषा 03:28 PM, 13 मार्च तक |
| योग | अतिगण्ड 11:10 PM तक सुकर्मा 11:50 PM, 13 मार्च तक |
| करण | बव 10:45 AM तक बालव 11:47 PM तक कौलव 12:52 PM, 13 मार्च तक |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | फाल्गुन पूर्णिमांत फाल्गुन अमांत |
| संवत | विक्रम 2089 · शक 1954 |
| ऋतु · अयन | शिशिर · उत्तरायण |
| सूर्य राशि | कुम्भ |
| चंद्र राशि | कर्क |
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- 05:48 AM
- सूर्यास्त
- 05:45 PM
- चंद्रोदय
- 02:50 PM
- चंद्रास्त
- 03:45 AM, 13 मार्च
दिनमान 11 घंटे 57 मिनट · चंद्रमा 86% प्रकाशित, बढ़ता हुआ
मुहूर्त और काल
- ब्रह्म मुहूर्त
- 04:12 AM – 05:00 AM
- अभिजीत मुहूर्त
- 11:23 AM – 12:10 PM
- राहु काल
- 08:47 AM – 10:17 AM
- यमगण्ड
- 01:16 PM – 02:46 PM
- गुलिक काल
- 05:48 AM – 07:18 AM
तिथि अलग-अलग समय पर क्यों बदलती है
तिथि वह समय है जिसमें चंद्रमा सूर्य से 12° आगे निकलता है। चंद्रमा की गति प्रतिदिन लगभग 11.8° से 15.2° तक बदलती रहती है, इसलिए एक तिथि लगभग 19 से 27 घंटे की होती है। इसी कारण तिथि किसी भी समय शुरू हो सकती है, एक दिन में दो तिथियाँ हो सकती हैं, और कभी कोई तिथि क्षय (छूट जाती है) या वृद्धि (दोहराई जाती है) होती है।
चक्र कोलकाता में सूर्योदय के समय की निरयण स्थिति दिखाता है: सूर्य कुम्भ में और चंद्रमा कर्क में।
द्वादशी के बारे में →किसी अन्य स्थान के लिए यही तिथि देखें: नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे।