अमावस्या का महत्व
अधिकांश क्षेत्रों में दीपावली की लक्ष्मी पूजा आश्विन (अमांत) अमावस्या को होती है, और महालया अमावस्या पितृ पक्ष का समापन करती है।
सोमवती अमावस्या (सोमवार) और शनि अमावस्या (शनिवार) उपायों के लिए बहुत प्रभावी मानी जाती हैं।
माघ की मौनी अमावस्या पर मौन रखकर पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है।
किन कार्यों के लिए शुभ
- पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध
- दान
- ध्यान और आत्मचिंतन
- काली और लक्ष्मी की पूजा
परंपरागत रूप से वर्जित
- विवाह, गृह प्रवेश और नए कार्य
- परंपरा अनुसार बाल और नाखून काटना
अमावस्या के त्योहार
- दीपावली लक्ष्मी पूजा
- महालया अमावस्या
- मौनी अमावस्या
- सोमवती अमावस्या
- हरियाली अमावस्या
पूजा के लिए पढ़ें: लक्ष्मी जी की आरती (स्पिरिचुअल मार्ग पर)