तिथि 13 व 28 · जया तिथि

त्रयोदशी

त्रयोदशी जया तिथि है जिसके अधिपति कामदेव हैं। यह प्रदोष व्रत का दिन है, जो महीने में दो बार सूर्यास्त के समय भगवान शिव के लिए रखा जाता है।

अर्थ: त्रयोदश (तेरहवीं)। अधिपति देवता: Kamadeva।

अगली त्रयोदशी तिथियाँ

  • कृष्ण पक्ष त्रयोदशी: शुक्र, 6 नव॰ 2026, 10:31 AM → शनि, 7 नव॰ 2026, 10:48 AM
  • शुक्ल पक्ष त्रयोदशी: रवि, 22 नव॰ 2026, 04:57 AM → सोम, 23 नव॰ 2026, 02:37 AM
  • कृष्ण पक्ष त्रयोदशी: रवि, 6 दिस॰ 2026, 12:52 AM → सोम, 7 दिस॰ 2026, 02:22 AM
  • शुक्ल पक्ष त्रयोदशी: सोम, 21 दिस॰ 2026, 05:37 PM → मंगल, 22 दिस॰ 2026, 02:24 PM

समय भारतीय मानक समय (IST) में। स्थानीय समय और व्रत की तिथि के लिए अपना शहर देखें।

त्रयोदशी का महत्व

प्रदोष का नाम वार से होता है: सोम प्रदोष (सोमवार) और शनि प्रदोष (शनिवार) विशेष फलदायी माने जाते हैं।

कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी धनतेरस (धन्वंतरि त्रयोदशी) है, दीपावली का पहला दिन।

अपने देवता कामदेव के अनुरूप त्रयोदशी प्रेम, सौंदर्य और मित्रता के लिए शुभ है।

किन कार्यों के लिए शुभ

  • प्रदोष काल में शिव पूजा
  • धनतेरस पर सोना और बर्तन खरीदना
  • उत्सव और मित्रता

परंपरागत रूप से वर्जित

  • कुछ विशेष निषेध नहीं

त्रयोदशी के त्योहार

पूजा के लिए पढ़ें: शिव जी की आरती (स्पिरिचुअल मार्ग पर)