तिथि 2 व 17 · भद्रा तिथि

द्वितीया

द्वितीया के अधिपति ब्रह्मा हैं। यह भद्रा (शुभ) तिथि है और निर्माण व नींव रखने के लिए उत्तम मानी जाती है।

अर्थ: द्वितीय (दूसरी)। अधिपति देवता: Brahma।

अगली द्वितीया तिथियाँ

  • शुक्ल पक्ष द्वितीया: मंगल, 10 नव॰ 2026, 02:00 PM → बुध, 11 नव॰ 2026, 03:54 PM
  • कृष्ण पक्ष द्वितीया: बुध, 25 नव॰ 2026, 04:51 PM → गुरु, 26 नव॰ 2026, 01:16 PM
  • शुक्ल पक्ष द्वितीया: गुरु, 10 दिस॰ 2026, 08:46 AM → शुक्र, 11 दिस॰ 2026, 11:23 AM
  • कृष्ण पक्ष द्वितीया: शुक्र, 25 दिस॰ 2026, 03:07 AM → शुक्र, 25 दिस॰ 2026, 11:26 PM

समय भारतीय मानक समय (IST) में। स्थानीय समय और व्रत की तिथि के लिए अपना शहर देखें।

द्वितीया का महत्व

शुक्ल द्वितीया को चंद्रमा का पहला स्पष्ट दर्शन (चंद्र दर्शन) होता है, जिसे स्वास्थ्य की प्रार्थना के साथ नमन किया जाता है।

कार्तिक शुक्ल द्वितीया भाई दूज (यम द्वितीया) है, जब बहनें भाइयों की दीर्घायु की कामना करती हैं।

आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकलती है।

किन कार्यों के लिए शुभ

  • नींव रखना और निर्माण
  • अनुबंध पर हस्ताक्षर
  • यात्रा
  • वाहन या आभूषण खरीदना

परंपरागत रूप से वर्जित

  • कलह और कठोर वचन, जो दिन की शुभता को कम करते हैं

द्वितीया के त्योहार

  • भाई दूज
  • जगन्नाथ रथ यात्रा
  • चंद्र दर्शन

पूजा के लिए पढ़ें: विष्णु जी की आरती (स्पिरिचुअल मार्ग पर)