तिथि 5 व 20 · पूर्णा तिथि

पंचमी

पंचमी पूर्णा तिथि है, जिसका संबंध नाग देवताओं और ज्ञान से है। शिक्षा, औषधि और उपचार के लिए यह बहुत शुभ मानी जाती है।

अर्थ: पंचम (पाँचवीं)। अधिपति देवता: Naga (Serpent deities)।

अगली पंचमी तिथियाँ

  • शुक्ल पक्ष पंचमी: शुक्र, 13 नव॰ 2026, 08:43 PM → शनि, 14 नव॰ 2026, 11:24 PM
  • कृष्ण पक्ष पंचमी: शनि, 28 नव॰ 2026, 06:40 AM → रवि, 29 नव॰ 2026, 03:58 AM
  • शुक्ल पक्ष पंचमी: रवि, 13 दिस॰ 2026, 04:48 PM → सोम, 14 दिस॰ 2026, 07:16 PM
  • कृष्ण पक्ष पंचमी: रवि, 27 दिस॰ 2026, 05:14 PM → सोम, 28 दिस॰ 2026, 02:58 PM

समय भारतीय मानक समय (IST) में। स्थानीय समय और व्रत की तिथि के लिए अपना शहर देखें।

पंचमी का महत्व

श्रावण शुक्ल पंचमी नाग पंचमी है, जब रक्षा के लिए नाग देवताओं की पूजा होती है।

माघ शुक्ल पंचमी वसंत पंचमी है, जो माँ सरस्वती को समर्पित है; बच्चों के विद्यारंभ के लिए यह प्रिय दिन है।

भाद्रपद शुक्ल पंचमी ऋषि पंचमी है, जिसमें सप्तऋषियों का पूजन होता है।

किन कार्यों के लिए शुभ

  • विद्यारंभ
  • चिकित्सा उपचार
  • सरस्वती और नाग पूजा
  • शुभ संस्कार

परंपरागत रूप से वर्जित

  • नाग पंचमी पर साँपों को हानि पहुँचाना या भूमि खोदना

पंचमी के त्योहार

पूजा के लिए पढ़ें: सरस्वती जी की आरती (स्पिरिचुअल मार्ग पर)